Baingan-badi ki sabji, बैंगन की रेसिपी"recipe" उसके फायदे, विभिन्न रोगों में उपयोगी, स्किन के लिए कैसे फायदेमंद है बैंगन, सब एक ही लेख में, वीडियो के साथ।Baingan-badi ki sabji, बैंगन की रेसिपी"recipe" उसके फायदे, विभिन्न रोगों में उपयोगी, स्किन के लिए कैसे फायदेमंद है बैंगन, सब एक ही लेख में, वीडियो के साथ। |
क्या आप जानते हैं, बैंगन को भोजन में शामिल करना क्यों जरूरी है?
बैगन जिन्हें बेगुन यानी स्वादहीन लगते हैं, उनके लिए बैंगन की स्वादिष्ट रेसिपी कैसे तैयार करे? जिसे बड़े ही नही बच्चे भी चटखारे लेकर खाए।
इतना ही नहीं बैंगन के सारे फ़ायदे क्या क्या है और नुकसानदायक भी कैसे हो सकता है ? सभी आपको इस एक ब्लॉग में मिल जाएंगे साथ मे उनमे पाए जाने वाले सभी पोषक तत्वों के बारे में भी और रेसिपी की विधि(do you all know why is it necessary to add brinjal in our diet? For them who think brinjal is tasteless and boring ...Let's make a delicious dish for them, which not only big ones will love but also kids will lick their fingers. From this blog you will get to know all the benefits and disqualities of brinjal and also the nutrients found in them. Scroll for Recipe.
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Baingan-badi ki sabji, बैंगन की रेसिपी"recipe" उसके फायदे, विभिन्न रोगों में उपयोगी, स्किन के लिए कैसे फायदेमंद है बैंगन, सब एक ही लेख में। |
तो आज मैं बिल्कुल ऑर्गेनिक(Organic)तरीके से खुद से ही उगाई हुई बैंगन की स्वादिष्ट सब्जी बनाने की विधि बताती हूँ।
हमारे बिहार में बैंगन-बड़ी की सब्जी बहुत फेमस है, और तो सीजन कैरी यानी कच्चे आम की भी है...तो मैं आज आपको बैंगन, कच्चे आम और बड़ी की सब्जी बनाना सिखाती हूँ, जो मेरे खुद के किचेन टैरेस गार्डेन का है। और आम की वजह से ये मौसमी सब्जी भी हो जाएगा।
सामग्री:--
बैंगन- 500 gm
बड़ी- 100 gm
आम- 1
कड़ी पत्ते
गोटा धनिया या धनिया पाउडर- 1 चम्मच
पीली सरसों- 1 चम्मच
दो तेजपत्ता
लाल मिर्च या मिर्च पाउडर
जीरा- 1 चम्मच
भुने हुए पाँचफोरन पाउडर- 1 चम्मच:-- (ये मेरी पर्सनल किचन हैक है, किसी भी सब्जी को टेस्टी बनाने के लिए और दूसरी बात पाँचफोरन में जो मेथी और काला जीरा पड़ता है, उसे बच्चें तो क्या बड़े भी साइड कर देते हैं और वो बर्बाद हो जाता है, लेकिन पाउडर से न तो बर्बाद होता है और टेस्ट के साथ साथ सब्जी में अरोमा भी अच्छी आती है।)
नमक- स्वादानुसार
हल्दी पाउडर 1/2 चम्मच
गरम मसाला पाउडर 1 टी स्पून
सरसों तेल
रेसिपी की विधि :--
सबसे पहले बैंगन को चार टुकड़ो में काटकर उसे पानी मे 2-4 मिनट के लिए छोड़ देंगे। कुछ लोग बैंगन को सिर्फ चिड़ा देकर बनाते हैं, उसके डंठल नही निकालते, लेकिन कुछ लोगो को इससे एलर्जी हो सकती है, इसलिए डंठल हटा ही दे।फिर एक और पानी से धोकर उसमे नमक हल्दी मिलाकर फ्राई कर लेंगे। उसके लिए पहले कराही में तेल गरम कर लेंगे।
Note:-- पानी मे छोड़ने से बैंगन का कड़वापन चला जाएगा।
अब आम को भी साफ कर नमक हल्दी देकर उसी तेल में फ्राई करके अलग कर लेंगे।
अब बारी बड़ी की आती है, उसे भी तेल में भूनकर तत्काल पानी मे डाल देंगे जिससे बड़ी गलने में आसान रहता है।
बैंगन किसी को बहुत ही टेस्टी लगते हैं तो किसी को यह बिल्कुल ही बेगुन लगते हैं। यानी कि बिना गुण के। लेकिन आप इस तरीके से बनाकर देखिए, मुझे यकीन है, आप सब को बहुत अच्छी लगेगी।
अब मैंने जितने भी मसाले गिनाए है, पाँचफोरन पाउडर को छोड़कर, सभी को पीस लेंगें(तेजपत्ता को भी, टेस्ट भी बढ़ेगा और बर्बाद भी नही होगा।)
अब कड़ाही में दो लाल मिर्च, और कड़ी पत्ता डालेंगे। कड़ी पत्ता डालते वक्त सावधानी बरतेंगे, ये ताज़ी होने के कारण गर्म तेल उड़ कर शरीर पर पड़ने के चांस रहते हैं।
इसके बाद मसाले डालकरकर भूनेंगे, और फ्राई किये हुए आम भी मसाले के साथ ही भुनने डाल देंगे।(आम फ्राई करने पर थोड़े टाइट हो जाते हैं, मसाले के साथ गलने में आसान रहेंगे) मसाले भुनने के बाद तेल छोड़ने लगते हैं, ऐसा होने के बाद उसमे बैंगन भी डालकर अच्छी तरह मिला लेंगे, इसके बाद उसमे पानी के साथ बड़ी डाल देंगे।
अब नमक, पाँचफोरन पाउडर और गर्म मसाला पाउडर डालकर 5 मिनट तेज़ आंच पर खौलने देंगे, क्योंकि सारी सब्जी पहले से पकी है तो उसे ज्यादा देर चूल्हे पर रखने की जरूरत नही है।
हो गई है, बैगन की लाज़बाब सब्जी तैयार। इसे बनाइए खाइए और कैसे लगे कमेंट में बताइए।
ये हो गई बैंगन बनाने की रेसिपी, अब बैगन के फायदे और नुकसान बताते हैं।
सबसे पहले बैंगन के फायदे क्या क्या है? वो बताती हूँ। Brinjal(Eggplant) Benefits, Uses :--
उपयोग और नुकसान – Brinjal(Eggplant) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi
बैंगन सभी के घर में बनता होगा, लेकिन घर के कुछ सदस्य ऐसे भी होते हैं, जिन्हें बैंगन बिल्कुल भी पसंद नहीं होते। भले ही कुछ लोगों को बैंगन स्वाद में अच्छा न लगता हो, लेकिन कुछ खास तरीके से बनाने पर ये आपको जरूर अच्छे लगेंगे।
और आपको बता दें कि बैंगन बे-गुण बिल्कुल भी नहीं है। बैंगन के औषधीय गुण इतने अधिक हैं कि जिन्हें जानने के बाद आप इसे देखकर मुंह नहीं बना पाएंगे। इस लेख में हम आपको बैंगन खाने के फायदे और इससे जुड़ी इतनी रोचक जानकारियां देने वाले हैं कि इसे न पसंद करने वाले भी इसे खाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे।
हम बैंगन के फायदे और गुणों के बारे में तो जानेंगे ही, साथ मे इसके प्रकार के बारे में भी बताएंगे।
बैंगन के प्रकार – Types of Brinjal (Eggplant) in Hindi
बैंगन के प्रकार की बात करें, तो मुख्य रूप से ये सात प्रकार के होते हैं। तो आइए, बिना देरी किये इसके बारे में जानते हैं।
1* जापानी बैंगन(Japanese brinjal):-- बैंगन का यह प्रकार मुख्य रूप से जापान में पैदा होता है। वही से इसकी प्रजाति सब जगह फैली है। यह आकार में लंबा और पतला होता है। इसका रंग लगभग काला होता है और यह ऊपर से दिखने में चमकदार होता है। पकाए जाने के बाद यह मुंह में घुल जाता है और खाने में यह कुछ मलाई के समान महसूस होता है।
2* चाइनीज बैंगन(chinese brinjal):-- बैंगन का यह प्रकार जापानी बैंगन के समान ही दिखता है, लेकिन यह जापानी बैंगन के मुकाबले ज्यादा लंबा, हल्का और कम मीठा होता है। इसमें बीज काफी कम होते हैं जिससे खाने में ज्यादा अच्छे और रसदार गूदा के साथ दमदार होते है। बैंगन के इस प्रकार को खासतौर पर भूनकर खाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है।
3. ग्राफिटी बैंगन(Grafity brinjal):-- बैंगन के इस प्रकार का नाम इसके रंग-रूप के कारण ही पड़ा है। दरअसल, इसकी बाहरी सतह पर धारीदार और बिखरे हुए निशान पाए जाते हैं। इसका छिलका पतला और बीज छोटे होते हैं। सामान्य रूप से यह हर आकर में पाया जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसे हर प्रकार से पका कर खाया जा सकता है। इसी कारण बैंगन का यह प्रकार दुनियाभर में मशहूर है। इसे कई उपनामों से पुकारा जाता है जैसे:- पर्पल रेन (Purple Rain), पेंडोरा स्ट्राइप्ड रोज (Pandora Striped Rose), शूटिंग स्टार्स (Shooting Stars), फेयरीटेल (Fairytale) और लिस्टडा डी गांडिया (Listada De Gandia)। तो आप समझ सकते हैं कि ये इतनी खास क्यों है।
4. बियांका बैंगन (Viyanka brinjal):-- यह बैंगन की इटालियन किस्म है। यह बड़ा और गोल आकार का होता है। इसका रंग सफेद होता है। इसका गूदा मलाईदार और स्वाद मीठा होता है। इस कारण यह भरवां और रसदार दोनों प्रकार से बनाकर खाया जा सकता है।
5. टैंगो बैंगन ( Tango brinjal):-- बैंगन का यह प्रकार रंग में सफेद और आकार में अंडे के समान होता है। इसकी बाहरी त्वचा मोटी और गूदा अधिक और मलाईदार होता है। इसकी खासियत यह है कि कटाई के बाद इसका रंग सफेद से पीला होने लगता है। वहीं, समय बीतने के साथ-साथ इसका गूदा सख्त होता जाता है।
6. सैंटाना बैंगन(Santana brinjal):-- यह बैंगन की इटालियन किस्म का एक खास प्रकार है। यह साइज में बड़ा होता है, लेकिन दिखने में पानी की एक बूंद जैसा होता है। यह गहरे बैंगनी रंग का होता है। बैंगन के इस प्रकार को मुख्य रूप से भून कर पकाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। बैंगन का यह प्रकार खासतौर पर टर्किश डिश घनौश बनाने के लिए प्रसिद्ध है।
7. थाई बैंगन(Thai brinjal):-- बैंगन का यह प्रकार आकार में गोल्फ बॉल के समान दिखाई देता है। इसका रंग हल्का हरा होता है। इसकी बाहरी त्वचा पर सफेद और पीली धारियां पाई जाती हैं। स्वाद में यह कड़वा होता है। वहीं, पकाने से पहले इसके बीज निकालने की जरूरत पड़ती है और कुछ देर पानी मे कॉडना होता है।
बैंगन के फायदे – Benefits of Brinjal in Hindi
बैंगन में विटामिन, फेनोलिक्स (कार्बोलिक एसिड) और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इन खास तत्वों की मौजूदगी के कारण बैंगन स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं को दूर करने के लिए एक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। स्वस्थ के लिए क्यों फायदेमंद है, ये तो हुई उसकी बात-
अब हम इससे यानी बैंगन से सेहत, त्वचा और बालों से संबंधित फायदों को थोड़ा विस्तार से जानेंगे।
स्वास्थ्य के लिए बैंगन के फायदे – Health Benefits of Brinjal (Eggplant) in Hindi
1. डायबिटीज sugar की बीमारी में लाभकारी
डायबिटीज या शुगर की समस्या में बैंगन का उपयोग लाभकारी माना जा सकता है। कारण यह है कि इसमें पाए जाने वाले फेनोलिक्स (कार्बोलिक एसिड) टाइप-2 डायबिटीज की समस्या के जोखिम को कम कर सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर फेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम कर हाइपरग्लाइसीमिया (हाई ब्लड शुगर) के प्रभाव को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं। इस कारण कहा जा सकता है कि बैंगन खाने के फायदे में ब्लड शुगर की मात्रा को नियंत्रित करना भी शामिल है।
2. हृदय स्वास्थ्य (Heart disease)के लिए लाभकारी होता है बैंगन:--
विशेषज्ञों के मुताबिक, बैंगन में विटामिन-ए, विटामिन-सी के साथ बी-कैरोटीन और पॉलीफेनोलिक कंपाउंड पाए जाते हैं। इन तत्वों की मौजूदगी के कारण बैंगन में शक्तिशाली कार्डियो प्रोटेक्टिव प्रभाव पाया जाता है। इसलिए, इसे हृदय स्वास्थ्य के लिए एक उत्तम विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
3. याददाश्त बढ़ाने में सहायक है बैंगन
बैंगन का उपयोग याददाश्त बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकता है। कारण यह है कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए आयरन, जिंक, फोलेट और विटामिन ए(A), बी(B) और सी(C) उपयोगी माना जाता हैं, जो बैंगन में भी उपलब्ध होते हैं। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता हैं कि बैंगन का सेवन इंसान में खुशी की भावना को जगाने का काम करता है। साथ ही यह दिमाग की कार्य क्षमता को भी बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है। इंसान की याददाश्त दिमागी कार्य क्षमता पर निर्भर करती है, इस कारण बैंगन के गुण याददाश्त बढ़ाने में भी सहायक माने जा सकते हैं।
4. बैंगन धूम्रपान छोड़ने में सहायक सावित होता है:--
बैंगन के गुण में यह भी है कि अगर आप धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं, तो यह आपकी सहायता कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में शोध इतने कम हुए हैं कि पुख्ता तौर पर कहना मुश्किल है कि यह कितना कारगर साबित हो सकता है। बता दें कि 100 ग्राम बैंगम में करीब 0.01 मिलीग्राम निकोटीन मौजूद होता है। हालांकि, सिगरेट पीने वालों के लिए निकोटिन की यह मात्रा काफी कम है, लेकिन अगर आप सिगरेट छोड़ने का मन बना चुके हैं, तो यह आपको इस काम में थोड़ी मदद तो कर ही सकता है।
5. पाचन में सुधारकारक होता है।
पाचन तंत्र को सुधारने में बैंगन खाने के फायदे काफी मददगार साबित हो सकते हैं। इस संबंध में कई खाद्य पदार्थों पर किए गए एक शोध में पाया गया कि स्टीम कुकिंग से बना बैंगन पाचक रसों को प्रेरित करने का काम करता है। पाचक रस भोजन को पचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि बैंगन का उपयोग पाचन प्रक्रिया को सुधारने में भी सहायक साबित हो सकता है।
6. वजन को घटाने में भी मददगार है बैंगन:--
आजकल मोटापे की समस्या से परेशानी, आम बात हैं और आप भी वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो बैंगन आपके बड़े काम आ सकता है। 100 ग्राम बैंगन में 92 ग्राम पानी पाया जाता है। वहीं, फैट की मात्रा काफी कम होती है। बैंगन में उच्च मात्रा में फाइबर होता है। साथ ही इसमें बेहद कम कैलोरी होती है। इस कारण यह पेट भरने के साथ-साथ मोटापे की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए कम फैट वाला एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वहीं, दूसरी ओर बैंगन पर किए गए शोध में सीधे तौर पर पाया गया है कि इसका सेवन कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने के साथ-साथ वजन घटाने में मददगार साबित हो सकता है । इस कारण यह कहा जा सकता है कि बैंगन के गुण वजन घटाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।
7. कैंसर जैसे रोग से भी बचाव करता है:--
कैंसर की समस्या में भी बैंगन खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। इसमें एक खास तत्व एंथोसायनिन पाया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एंथोसायनिन कैंसर कोशिकाओं के प्रभाव को कम करने का काम कर सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि बैंगन का उपयोग कैंसर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए काफी हद तक फायदेमंद साबित हो सकता है।
8. बैंगन प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होता है:--
बैंगन कई गंभीर समस्याओं के उपचार के साथ-साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है। दरअसल, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन (ए(A), सी(C), डी(D), ई(E), बी-2(B-2), बी-6(B-6), बी-12(B-12), फोलिक एसिड आयरन, सेलेनियम और जिंक अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं, बैंगन में विटामिन ए, सी, ई, बी-2, बी-6 के साथ-साथ आयरन और जिंक मौजूद होते हैं, जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं। इस कारण बैंगन का उपयोग शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करने में सहायक माना जा सकता है।
9. एनीमिया से बचाव में भी कारगर है:--
एनीमिया की समस्या मुख्य रूप से आयरन और फोलेट के साथ-साथ विटामिन बी-12 की कमी के कारण भी हो सकती है। वहीं, बैंगन में फोलेट और आयरन दोनों पाए जाते हैं। इस कारण ऐसा माना जा सकता है कि बैंगन के औषधीय गुण एनीमिया के जोखिमों को कम करने में भी सहायक साबित हो सकते हैं।
10. कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में कारगर:--
बैंगन का उपयोग वजन घटाने के साथ-साथ कोलेस्ट्रोल को घटाने में भी फायदेमंद हो सकता है। इस संबंध में किए गए एक शोध में पाया गया है कि बैंगन का जूस कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने का काम कर सकता है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि बैंगन कोलेस्ट्रोल की मात्रा को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकता है।
11. तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है
बैंगन के औषधीय गुण में तुरंत ऊर्जा प्रदान करना भी शामिल है। दरअसल, यह कम वसा वाला ऊर्जा का स्रोत है। इस कारण इसके सेवन से ऊर्जा हासिल की जा सकती है और वसा न होने के कारण यह हमारी सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होता है।
12. हड्डियों को करता है मजबूत
बढ़ती उम्र के साथ लोगों की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इस समस्या के हल के लिए फल और सब्जियों को लेकर एक शोध किया गया। इस शोध में पाया गया कि बैंगन में कैल्शियम और पोटेशियम अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जिस वजह से यह सीधे तौर पर ‘बोन मिनरल डेंसिटी’ (हड्डियों की मजबूती) को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसलिए, बैंगन का उपयोग हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में भी लाभकारी माना जा सकता है।
13. अनिद्रा की समस्या को दूर करता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बैंगन में ऐसेटाइलकोलिन और डोपामाइन नाम के डाइटरी न्यूरोट्रांसमीटर (रसायन जो मानसिक संदेशों के संचार में सहायक होते हैं) पाए जाते हैं। यह दिमागी विकास के साथ चिंता और अनिद्रा की समस्या को हल करने में सहायक माने जाते हैं। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि बैंगन के औषधीय गुण अनिद्रा की समस्या में राहत दिलाने का काम कर सकते हैं।
तो अब बैंगन को बे-गुण कहना कितना गलत है समझ सकते हैं।

कितने अच्छे तरीके से बैंगन की इतनी टेस्टी दिखने वाली सब्जी उसके गुणों और खामियों के साथ अपने बताई है, मैं जरूर जल्द से जल्द इसे बनाउंगी , अपका बहुत धन्यवाद
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