Blue tea-ब्लू टी,या चाय अपराजिता-स्वास्थ्य-सेहत से भरपुर है ही,साथ मे इससे जुड़े वास्तु टिप्स भी है जो आपके घर को शुख-समृद्धि से भर देते हैं।तो जानिए चाय के साथ इसके वास्तु टिप्स।


Blue tea-ब्लू टी,या चाय अपराजिता-स्वास्थ्य-सेहत से भरपुर है ही,साथ मे इससे जुड़े वास्तु टिप्स भी है जो आपके घर को शुख-समृद्धि से भर देते हैं।तो जानिए चाय के साथ इसके वास्तु टिप्स।


विष्णु प्रिया या अपराजिता चाहे जिस नाम से पुकारिए, बड़ा ही चमत्कारी पौधा है। ये न केवल आपके स्वास्थ्य और सेहत का ख़याल रखता है बल्कि आपको जानकर हैरानी होगी कि ये घर मे सम्पन्नता भी लाती है। 
इसलिए अपराजिता के पौधे को आप घर में किस दिशा में लगाएं, वो भी बताऊँगी।


 तो आज मैं पहले आपको एकदम नई तरह की और सेहतमंद चाय बनाना बताऊंगी। जिसे बनाना तो बहुत ही आसान है, और गुणों से भरपूर भी है जो कि है अपराजिता के फूलों की चाय।ऐसे तो इसकी टहनी,जड़ और बीज सभी काम मे आते हैं । लेकिन आज हम चाय बनाएंगे और ये पूरी तरह मेरा आज़माया हुआ है।

तो सबसे पहले इसके बेनिफिट्स जानते हैं।

आयुर्वेद में इसका बड़ा महत्व है। अगर आप students हैं तो ये आपकी याद्दाश्त को बढ़ाने में आपकी काफी मदद करता है।आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में  थकावट से भी राहत दिलाता है। या फिर primary stage के डाईविटीज पेसेंट हैं तो ये आपके sugar level को पूरी तरह से control करता है और तनाव( depression)से भी दूर रखता है। आपके खून को साफ कर कई तरह की बीमारियों से तो दूर रखता ही है साथ ही चेहरे की चमक को भी बढ़ाता है और कील मुहांसों से भी छुटकारा दिलाता है।यह आपके body weight को भी control करता है। ताईवानऔर चाईना में इसके चाय काफी प्रशिद्ध हैं।इतना ही नहीं सर्दी और जुकाम होने पर भी आप इस चाय का सेवन कर सकते हैं । ऐसे कई तरह की बीमारियां है जिसे ये ठीक कर सकता है, जिसमे दिल की बीमारी और कैंसर भी है। ये आपके शरीर को detoxinate कर शरीर के जहरीले पदार्थ को भी बाहर करती है।

अब इसमें पाए जाने वाले elements के बारे में भी जानते हैं।

Calcium, magnesium, potassium , iron and magnese  इसमें बहुत ही अच्छी मात्रा में पाई जाती है, साथ ही सोडियम से भी भरपूर होती है ।इसमें vitamines के साथ-साथ antioxidants भी पाए जाते हैं।


Method :--

इसे बनाना बहुत ही आसान है और ज्यादा ingredients की भी जरूरत नहीं है।

एक कप चाय के लिए हरी या सुखी दो अपराजिता के फूल लेले और उसे करीब दो घंटे के लिए पानी मे भिगोकर छोड़ दें। अब उस पानी को उतना ही उबाले जितनी गर्म आपको चाय चाहिए। यानी कि ज्यादा उबालने से उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाएंगे।अब ये आपकी Blue tea तैयार हो चुकी है।इसे पीने के बाद आप Green tea या black tea भूल जाएंगे, क्योंकि ये है अपनी बिल्कुल देशी और आयुर्वेदिक अपराजिता या विष्णुकांत के फूल की चाय।

अगर आप इसे फीका नही पीना चाहते तो थोड़ी सी शहद डाल सकते हैं और कुछ बूंद निम्बू के।


अपराजिता या विष्णुकांत के फूल की चाय बनाना तो आप सिख गए और इससे होने वाले बेनिफिट्स के बारे में भी।

आइए अब जानते हैं अपराजिता या विष्णुकांत के फूल से जुड़े कुछ वास्तु टिप्स।

Blue tea-ब्लू टी,या चाय अपराजिता-स्वास्थ्य-सेहत से भरपुर है ही,साथ मे इससे जुड़े वास्तु टिप्स भी है जो आपके घर को शुख-समृद्धि से भर देते हैं।

Vastu Tips : हिंदू धर्म में पेड़-पौधे और प्रकृति का बहुत महत्व बताया गया है. कई पेड़-पौधे घर में खुशियां और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आते हैं. जिनका हमारे जीवन पर गहरा असर होता है. इन्हीं पौधों में से एक है अपराजिता की बेल. अपराजिता दो रंगों में पाई जाती है- एक सफेद और एक नीली. वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान विष्णु को नीले रंग की अपराजिता अत्यंत प्रिय है. इसे घर में लगाना शुभ और लाभकारी होता है।

.नीली अपराजिता आर्थिक तंगी में फायदेमंद:

विष्णु प्रिया या अपराजिता चाहे जिस नाम से पुकारिए, बड़ा ही चमत्कारी पौधा है। ये न केवल आपके स्वास्थ्य और सेहत का ख़याल रखता है बल्कि आपको जानकर हैरानी होगी कि ये घर मे सम्पन्नता भी लाती है। 

वास्तुशास्त्र के अनुसार, जो व्यक्ति अपने घर में नीली अपराजिता की बेल लगाता है, उसके घर में धन संबंधी समस्या नहीं आती. इस बेल को धन की बेल भी कहा जाता है. इसे घर में लगाने से ये धन को अपनी तरफ आकर्षित करती है.

सकारात्मकता और समपन्नता बढ़ती है।

इसलिए अपराजिता के पौधे को आप घर में किस दिशा में लगाएं, वो भी बताऊँगी।

किस दिशा में लगाएं नीली अपराजिता

वास्तु शास्त्र के अनुसार नीली अपराजिता लगाने के लिए ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा सर्वोत्तम मानी गई है. इस दिशा में लगाने से आपको धन संबंधी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. आपके आय के स्त्रोत बढ़ेंगे.


किस दिन लगाएं नीली अपराजिता

नीली अपराजिता को विष्णु प्रिया भी कहा जाता है, इसलिए इसको लगाने का सबसे अच्छा दिन गुरुवार या शुक्रवार माना गया है. शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है. इसके अलावा शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित किया गया है. इस दिन नीली अपराजिता लगाने से इसके सकारात्मक प्रभाव घर पर दिखने लगते हैं.

वास्तुशास्त्र के अनुसार, नीली अपराजिता की बेल जैसे-जैसे बढ़ती है, वैसे-वैसे घर में संपन्नता और सकारात्मकता बढ़ती जाती है, इसलिए इसे लगाना शुभ होता है. इसकी तरक्की से मनुष्य की तरक्की को जोड़कर देखा जाता है.

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए और शनि की साढ़ेसाती में लाभ पाने के लिए शनिवार के दिन नीली अपराजिता शनि देव को अर्पित करना शुभ माना जाता है.









Blue tea-ब्लू टी,या चाय अपराजिता-स्वास्थ्य-सेहत से भरपुर है ही,साथ मे इससे जुड़े वास्तु टिप्स भी है जो आपके घर को शुख-समृद्धि से भर देते हैं।तो जानिए चाय के साथ इसके वास्तु टिप्स।

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